Thursday, 7 November 2013

तुम ही तुम

कहा 
नदी ने 
सागर से 
मिटा कर 
अस्तित्व 
अपना 
मै अब 
समा 
गई हूँ 
तुम में 
पूर्ण 
हो गई मै 
रहे बस 
तुम 
ही 
तुम 

रेखा जोशी 

Tuesday, 5 November 2013

कर पहचान असत्य और सत्य की

देखा 
झांक कर 
मन के 
आईने में 
नही 
पहचान 
पाया 
खुद को 
धूल में 
लिपटे 
अनेक 
मुखौटे 
नहीं था 
वो मै 
मूर्ख मनवा 
पहचान ले 
खुद को 
साफ़ कर ले 
धूल को 
और 
फेंक दे 
सब मुखौटे 
कर पहचान 
असत्य 
और 
सत्य की 

रेखा जोशी 

''भाई दूज'' पर सभी को हार्दिक शुभकामनायें

भाई बहन के इस पावन त्यौहार ''भाई दूज'' पर सभी को हार्दिक शुभकामनायें 

माहिया 

सूरज जैसा चमके 
है सुंदर मुखड़ा 
टीका माथे दमके 
……………
मेरे भैया आये 
सूरत चन्दा सी 
बहना वारी जाये

रेखा जोशी

Monday, 4 November 2013

जब अच्छाई रोती है

है दुःख
ही
दुःख
जीवन में
जलता है
हृदय
अपमानित
होता है
जब यहाँ
सत्य
सम्मानित
होता है
असत्य
कहलाता
मूर्ख
जब साधू
कठिन
होता है
जीना
शूल सा
कुछ
चुभता है
दिल में
जब बुराई
मनाती है
खुशियाँ
और
अच्छाई
रोती है

रेखा जोशी


Sunday, 3 November 2013

तेरा ख्याल


जीवन का  संगीत  है तेरा यह ख्याल 
उस प्रभु का आशीष है तेरा यह ख्याल 
बसा है तेरा ख्याल  इस मन मंदिर में 
गुनगुना रहा  सदा   है तेरा यह ख्याल 

रेखा जोशी 

Saturday, 2 November 2013

दीप ज्ञान का इक तुम जलाओ

हाँ
दीप
हूँ मै
प्रज्वलित
हो कर
भरता
हूँ मै
उजाला
जहाँ
रहता हो
घना अँधेरा
रोशन कर
वहाँ
लाता हूँ
खुशियाँ
दीप
ज्ञान का
इक तुम
जलाओ
दीप्त कर
हर अज्ञानता
रोशन कर
लौ प्रेम की
ज्योति
जग में
फैलाओ

 रेखा जोशी


Friday, 1 November 2013

आँसूओं का सौदा

तुम
मेरे हो
यह
सोच कर
तुम्हे
चाहा
तुम्हे
अपनाया
तुम से
प्यार किया
बंदगी की
तुम्हारी
पर तुमने
न समझी
पीड़ा
इस दिल की
जाना
यही
है प्यार
इक फरेब
और
मुहब्ब्त
इक धोखा
है इसमें
बस
आँसूओं का
सौदा

रेखा जोशी