Monday, 4 August 2014

हाइकु [रक्षाबंधन ]

 हाइकु [रक्षाबंधन ]

नेह बंधन
है बहना का प्यार
रक्षाबंधन

भाई बहना
मनभावन रिश्ता
सबसे प्यारा

प्यार का धागा
बचपन का साथ
अटूट रिश्ता

फ़र्ज़ निभाना
कलाई पर राखी
भूल न जाना


राखी के तार
मिलता उपहार
प्यारा त्यौहार

रेखा जोशी


Sunday, 3 August 2014

HAPPY FRIENDSHIP DAY


खुश्बू  दोस्ती की किसी रिश्ते से कम नहीं होती
दोस्ती की बगिया में कभी सुगंध कम नही होती 
दोस्ती  हो अगर श्री कृष्ण  और सुदामा जैसी तो 
प्यार के पवित्र  रिश्ते की कोई कीमत नही होती 

रेखा जोशी 


Saturday, 2 August 2014

Before it slips from hands fulfill all your fancy wishes


Every moment is perished
After giving birth to a new moment
Unfortunate we are
Don't value
That golden moment
Waste it in vain
Life is so short
Will pass just like that
gradually
Many desires
remaining in our hearts
This moment
Wiiln'tcome again
Before it slips from  hands
Fulfill all your
Fancy wishes

Rekha Joshi




पूरी कर ले ख्वाहिशें अपनी

मरता है हर पल
दे कर जन्म इक नए पल को
बदकिस्मत है हम जो
नही जानते मोल
इस सुनहरे पल का
गवां  देते है इसे व्यर्थ ही
छोटी सी ज़िंदगानी
यूँ ही गुज़र जायेगी
रफ्ता रफ्ता
सीने में लिये
लाखों अरमान
नही हाथ आएगा
फिर यह पल
पूरी कर ले
ख्वाहिशें अपनी
गुज़रने से पहले
इसके

रेखा जोशी


अमृत जैसी मीठी तुम हो


गंगा सी  पावनी तुम हो
लहरों सी रवानी तुम हो
तुम में छुपी बहुमूल्य निधि
अमृत जैसी मीठी तुम हो

रेखा जोशी 

साथ रहना तुम कभी मत छोड़ना रखना पकड़



जब  सिमटते है उजाले रात का दामन पकड़
फिर सुबह लाती नई खुशियाँ यहाँ दामन पकड़
………………
देख तेरे नैन हम उसमे समा कर रह गये
बाँध कर तुमने हमें क्यों अब  रखा दामन पकड़
………………
तुम हमे क्यों कर सताते हो सदा यूँ ही सनम
छोड़ कर गर चल दिये आना  वहाँ  दामन पकड़
………………
रात के साये हमें रह रह डराते है सनम
साथ रहना तुम कभी मत छोड़ना दामन पकड़
…………… …
रात फिर से  डूब जाये गी अँधेरे में सनम
साथ जीवन में अँधेरों का मिला दामन पकड़

रेखा जोशी

सावन की भीगी रातों में ठंडी फुहार रुलाती है

सावन की भीगी रातों में ठंडी फुहार रुलाती है 
घनघोर घटा संग दामिनी गगन पर रास रचाती है 
छुप गया चंदा बदरा संग तारों की बारात लिये 
लगा कर अगन शीतल हवायें बिरहन को सताती है


रेखा जोशी