Monday, 31 October 2016

एक पैग़ाम वीर जवानों के नाम

एक पैग़ाम वीर जवानों के नाम 
उरी में आतंकी हमले के बाद भारत के देशवासियों का खून खौल उठा था ,सोये हुए सैनिको को दरिंदों ने मार  दिया ,उन शहीदों की शहादत पर भारत की ओर  से सर्जिकल स्ट्राइक ने भारतवासियों का ही नहीं ,पूरे सैन्य बल का मनोबल  बढ़ाया।
 देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात सिपाहियों की वीरता पर आज हम सब देशवासियों को गर्व है ,हम सब सुरक्षित हैं तो उन वीर जवानों के कारण ,यह पैगाम है उन वीरों के नाम  जो अपने घरों से दूर हम सब की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात है ,''हम जानते है ,हर एक सिपाही अपनी मातृ भूमि पर मिटने के लिए सौ दुश्मन सिपाहियों के बराबर है ,उनके देश भक्ति के इस जज़्बे को हम सब सलाम करते है । 
यह हम सबके लिए बहुत शर्म की बात हैकि विभिन्न राजनीतिक पार्टियां इस पर राजनीति कर रहीं है ।यह वक्त है कि हम सब एकजुट हो कर अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाएं ताकि वह वीरता और बहादुरी से दुश्मन के छक्के छुड़ा कर  देश की सुरक्षा के लिए जी जान की बाजी लगा सकें ।

भारत माता की जय ,जय हिन्द 

रेखा जोशी 

नमन कर शहीदों के नाम इक दीप जलायें

आओ   हम सब ऐसी दिवाली आज मनायें
याद  करें  सीमा  पर जिन्होंने प्राण गवायें
मर मिटे सिपाही जो अपने देश की खातिर
नमन  कर शहीदों के नाम इक दीप जलायें

रेखा जोशी 

प्रेम के दीपक के जलने से उजियारे हुए

जीवन में जब  भी कभी  अपने न हमारे हुए
टूट  जाता  दिल  फिर  तो  दर्द ही सहारे हुए  
रूकती नही कभी भी ज़िंदगी किसी के बिना
प्रेम का इक  दीप  जलाने   से  उजियारे हुए
 
रेखा जोशी 

Wednesday, 26 October 2016

माटी के खूबसूरत दीये

जगमगायें गे
माटी के खूबसूरत दीये
दीपावली की रात
और
जगमगाये गा
पूरा हिदुस्तान
दीपावली की रात

अब के बरस
सजाये गी लक्ष्मी माँ
घर गरीब का
पूरे होंगे अरमान
हमारी लाडली के
देगी दुश्मन को मात
सोंधी माटी देश की
जगमगाये गा
पूरा हिदुस्तान
दीपावली की रात
….
लेते प्रण आज
हम सब भारतवासी
रौशन करेंगे अपना घर
और
जगमगायें गे
माटी के खूबसूरत दीये
दीपावली की रात
और
जगमगाये गा
पूरा हिदुस्तान
दीपावली की रात

रेखा जोशी

दूरियाँ नज़दीक लाये रेलगाड़ी

छुक छुक छुक चलती जाये रेलगाड़ी
दूरियाँ     नज़दीक    लाये    रेलगाड़ी
आये  जायें  भीड़ भड़कम  में फिर भी
सबके    मन   को    हर्षाये   रेलगाड़ी

रेखा जोशी

खिलती धूप सी तुम्हारी मुस्कुराहट

जलने   से  दीपक  रौशनी  हो  जैसे
रात  में   बिखरती  चांदनी  हो  जैसे
खिलती धूप सी तुम्हारी मुस्कुराहट
शीतल  पवन  सी  सुहावनी हो जैसे
रेखा जोशी


Tuesday, 25 October 2016

खिली है धूप आंगन में हमारे अब

सजन मिल आशियाना अब बसाना है
हमें   तो  प्यार  तुमसे  ही  निभाना है 
खिली  है  धूप  आंगन  में  हमारे अब 
मिली है ज़िन्दगी तो  मुस्कुरायें  अब 

रेखा जोशी