Friday, 8 February 2013

लाभ उठायें अपने आफिस की आंतरिक साज सज्जा से


लाभ उठायें अपने आफिस की आंतरिक साज सज्जा से 

वास्तु टिप्स
१  आफिस के मुखिया को सदा दक्षिण पश्चिम दिशा में बैठने चाहिए |
२   आफिस में लेखाधिकारी के लिए दक्षिण पूर्वीय दिशा शुभ है |
३ आफिस में काम करने वालों को सदा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुख कर के कार्य करना चाहिए |
४ आफिस में ब्रह्म स्थान सदा साफ़ सुथरा और खाली रहना चाहिए |
५आफ़िस के ईशान कोण में पानी का फुवाहरा अति उत्तम माना गया है |
६ आफिस में मार्किटिंग के लिए उत्तर पश्चिम दिशा शुभ होती है

रेखा जोशी 


Wednesday, 6 February 2013

बनी रहे कृपा प्रभु की आपके घर पर


वास्तु टिप्स
१ वैसे तो ईश्वर सर्वव्यापक है लेकिन अपने घर में उस प्रभु  की पूजा , आराधना के लिए ईशान कोण सर्वोत्तम स्थान है |
२ पूजा करते समय मुख सदा पूर्व की तरफ होना चाहिए |
३ मूर्तियों को पूर्व से पश्चिम याँ दक्षिण से उत्तर की तरफ स्थापित करना चाहिए |
४ पूजा करते समय आपका आसन सदा दायें कोण में होना चाहिए |
५ इस कोण में सुबह ,शाम  जोत जलाना ,धूप अगरबत्ती जलाना  याँ समिधा से हवन आदि करने से मानसिक तनाव दूर होते है और चित प्रसन्न रहता है |

Tuesday, 5 February 2013

तकदीर से ही बाज़ी हारे है हम |


तकदीर पर विशवास तो नही मुझे ,
आये क्यों हो मेरी जिंदगी में तुम ,
निभाया सदा साथ तुम्हारा लेकिन ,
दर्देदिल के सिवा क्या मिला मुझे|
.........................................
भुला कर हमने हर सितम तुम्हारे ,
साथ निभाने का क्यों वादा किया ,
हद हो गई अब ज़ुल्मो सितम की ,
प्यार में तो हमने धोखा ही खाया |
.........................................
निभा न सके जब तुम वफ़ा को ,
चुप रहे फिर भी खातिर तुम्हारी ,
दफना दिया सीने में ही दर्द को ,
उफ़ तक न की किसी के आगे |
.....................................
कर लो चाहे जितने भी सितम,
सब सह लेंगे उसे ताउम्र हम ,
न करें गे शिकवा न शिकायत ,
तकदीर से ही बाज़ी हारे है हम |

Monday, 4 February 2013

तमसो मा ज्योतिर्गमय---

मेरे पड़ोस में एक बहुत ही बुज़ुर्ग महिला रहती है ,उम्र लगभग अस्सी वर्ष होगी ,बहुत ही सुलझी हुई ,मैने न तो आज तक उन्हें किसी से लड़ते झगड़ते देखा  और न ही कभी किसी की चुगली या बुराई करते हुए सुना है ,हां उन्हें अक्सर पुस्तकों में खोये हुए अवश्य देखा है| गर्मियों के लम्बे दिनों की शुरुआत हो चुकी थी ,चिलचिलाती धूप में घर से बाहर निकलना मुश्किल सा हो गया था ,लेकिन एक दिन,भरी दोपहर के समय मै उनके घर गई और उनके यहाँ मैने एक छोटा सा  सुसज्जित  पुस्तकालय ,जिसमे करीने से रखी हुई अनेको पुस्तकें थी ,देखा  |उस अमूल्य निधि को देखते ही मेरे तन मन में प्रसन्नता की एक लहर दौड़ने लगी ,''आंटी आपके पास तो बहुत सी पुस्तके है ,क्या आपने यह सारी पढ़ रखी है,''मेरे  पूछने पर उन्होंने कहा,''नही बेटा ,मुझे पढने का शौंक है ,जहां से भी मुझे कोई अच्छी पुस्तक मिलती है मै खरीद लेती हूँ और जब भी मुझे समय मिलता है ,मै उसे पढ़ लेती हूँ ,पुस्तके पढने की तो कोई उम्र नही होती न ,दिल भी लगा रहता है और कुछ न कुछ नया सीखने को भी मिलता रहता है ,हम बाते कर ही रहे थे कि उनकी  बीस वर्षीय पोती हाथ में मुंशी प्रेमचन्द का उपन्यास' सेवा सदन' लिए हमारे बीच आ खड़ी हुई ,दादी क्या आपने यह पढ़ा है ?आपसी रिश्तों में उलझती भावनाओं को कितने अच्छे से लिखा है मुंशी जी ने |आंटी जी और उनकी पोती में पुस्तकों को पढ़ने के इस जज़्बात को देख बहुत अच्छा लगा | अध्ययन करने के लिए उम्र की कोई सीमा नही है उसके लिए तो बस विषय में रूचि होनी चाहिए |मुझे महात्मा गांधी की  लिखी पंक्तियाँ याद आ गयी ,'' अच्छी पुस्तके मन के लिए साबुन का काम करती है ,''हमारा आचरण तो शुद्ध होता ही है ,हमारे चरित्र का भी निर्माण होने लगता है ,कोरा उपदेश या प्रवचन किसी को इतना प्रभावित नही कर पाते जितना अध्ययन या मनन करने से हम प्रभावित होते है ,कईबार महापुरुषों की जीवनियां पढने से हम भावलोक में विचरने लगते है  और कभी कभी तो ऐसा महसूस होने लगता है जैसे वह हमारे अंतरंग मित्र है | अच्छी पुस्तकों के पास होने से हमें अपने प्रिय मित्रों के साथ न रहने की कमी नही खटकती |जितना हम अध्ययन करते है ,उतनी ही अधिक हमें उसकी विशेषताओं के बारे जानकारी मिलती है | हमारे ज्ञानवर्धन के साथ साथ अध्ययन से हमारा  मनोरंजन भी होता है |हमारे चहुंमुखी विकास और मानसिक क्षितिज के विस्तार के लिए अच्छी  पुस्तकों ,समाचार पत्र आदि का बहुत महत्वपूर्ण  योगदान है |ज्ञान की देवी सरस्वती की सच्ची आराधना ,उपासना ही हमे अज्ञान से ज्ञान की ओर ले कर जाती है |हमारी भारतीय संस्कृति के मूल धरोहर , एक उपनिषिद से लिए गए  मंत्र  ,''तमसो मा ज्योतिर्गमय   '',अर्थात हे प्रभु हमे अन्धकार से प्रकाश की ओर ले चलो ,और अच्छी पुस्तकें हमारे ज्ञान चक्षु खोल हमारी बुद्धि में छाये अंधकार को मिटा देती है | इस समय मै अपनी पड़ोसन आंटी जी के घर के प्रकाश पुँज रूपी पुस्तकालय में खड़ी पुस्तको की उस अमूल्य निधि में से पुस्तक रूपी अनमोल रत्न की  खोज में लगी हुई थी ताकि गर्मियों की लम्बी दोपहर में मै  भी अपने घर पर बैठ कर आराम से उस अनमोल रत्न के प्रकाश से  अपनी बुद्धि को प्रकाशित कर सकूं |

Sunday, 3 February 2013

अर्धांगिनी

आरती और वैभव के बीच  में कल रात से ही झगड़ा चल रहा था ,मुद्दा वही उपर की आमदनी का ,जिसे आरती अपने घर में  कदापि भी खर्च  करना नही चाहती थी | वैभव ने अपनी पत्नी  आरती को पैसे की अहमियत के बारे में बहुत समझाया और बताया कि उसके दफ्तर  में सब मिल बाँट कर खातें है लेकिन आरती के लिए रिश्वत तो पाप कि कमाई थी , वैभव के लाख समझाने पर भी जब आरती नही मानी तो गुस्से में उसने आरती से साफ़ साफ़ कह दिया था कि अगर आरती ने इस मुद्दे पर और बहस की तो वह उससे  सदा के लिए सम्बन्ध विच्छेद कर लेगा ,बात बढ़ती देख आरती खामोश हो गई और मेज़ पर रखा हजार का नोट उठा कर उसे एक सफेद लिफाफे में डाल कर अपने  घर में बने छोटे से मंदिर में रख दिया और भारी मन से रसोई में व्यस्त हो  गई |तभी उसे बाहर आंगन में माली कि आवाज़ सुनाई दी ,जो वैभव से कुछ दिनों की छुट्टी मांग रहा था  और उसे अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए कुछ रुपयों की जरूरत थी ,आरती  ने झट से मंदिर से सफेद लिफाफा उठाया और  माली के हाथ में थमा दिया |  

स्वागत करें अपने मेहमानों का अपने ड्राइंग रूम में

स्वागत करें अपने मेहमानों का अपने ड्राइंग रूम में
1आपके घर की उत्तर दिशा ड्राइंग रूम के लिए शुभ होती है |
२अपने घर के ड्राइंग रूम की दीवारों पर नकारात्मक उर्जा वाले चित्र कदापि न लगायें |
३ एयर कंडिशनर सदा दक्षिण पूर्व दिशा में लगाने चाहिए |
४ फर्नीचर रखने के लिए पश्चिम याँ दक्षिण दिशा शुभ होती है |
५ अतिथि को कभी भी ठीक दरवाज़े के सामने नही बैठाना चाहिए |


Friday, 1 February 2013

रखिये ध्यान अपने घर की दक्षिण दिशा का


वास्तु टिप्स

१  घर के दक्षिण की दीवार मजबूत होने से शुभ फल मिलता है |
२ घर के दक्षिण भाग की दीवारें उत्तरी भाग की दीवारों से नीची होनी चाहिए |
३ पढ़ाई में व्यवधान न पड़े इसलिए कभी भी दक्षिण दिशा में अध्ययन का कमरा न रखे |
४  घर में शांति और धनधान्य के लिए दक्षिण दिशा की तरफ अधिक खाली स्थान न रखें |
५ घर के स्वामी की अच्छी सेहत के लिए ,घर की दक्षिण दिशा में पुराना कबाड़ याँ कूड़ाकरकट नही होना चाहिए |