Sunday, 15 January 2017

रही अधूरी कहानी हमारी


है उदास  ज़िन्दगानी   हमारी
मिटा दी पिया  जवानी हमारी
तोड़ दिया  सजन वादा आपने 
रही   अधूरी  कहानी  हमारी

रेखा जोशी

Tuesday, 10 January 2017

आधार छंद - रोला 
समांत - आया, अपदांत
खिली बहारे आज ,सजन अब मौसम भाया 
मिला हमे है प्यार ,सजन ने साथ निभाया
...
पिया न जाना  दूर ,तुमने सितम है ढाया
बिना तुम्हारे सजन ,बहुत दुख हमने पाया

रेखा जोशी 



Monday, 9 January 2017

सिलसिला प्यार का न टूटे अब


याद तेरी  सता रही है मुझे 
ज़िन्दगी अब बुला रही है मुझे 

चोट खाते  रहे  यहाँ साजन 
पीड़  दिल की जला  रही है मुझे 

छिप गये हो कहाँ जहां  में तुम 
याद फिर आज आ रही है मुझे 
.. 
सिलसिला प्यार का न टूटे अब 
मौत जीना सिखा  रही है मुझे 
... 
आ मिला कर चलें कदम हम तुम 
चाह तेरी  लुभा रही है मुझे 

रेखा जोशी 

मौतजीना सीखा रही है मुझे


याद तेरी  सता रही है मुझे 
ज़िन्दगी अब बुला रही है मुझे 

चोट खाते  रहे  यहाँ साजन 
पीड़  दिल की जला  रही है मुझे 

छिप गये हो कहाँ जहाँ में तुम 
याद फिर आज आ रही है मुझे 
.. 
सिलसिला प्यार का न टूटे अब 
मौत जीना सिखा  रही है मुझे 
... 
आ मिला कर चलें कदम हम तुम 
चाह तेरी  लुभा रही है मुझे 

रेखा जोशी 


Sunday, 8 January 2017

विश्व विजेता बने भारत हमारा

तिरंगे का अपने मान करना है
भारत  पर हमें अभिमान करना है
विश्व विजेता बने भारत  हमारा
दुनिया ने  इसका सम्मान करना है
रेखा जोशी

Friday, 6 January 2017

काश प्रियतम रहें संग हम तुम

चाँद  तारे  सजायें   गगन को 
फूल महका रहे  अब  पवन को 
काश प्रियतम रहें संग हम तुम 
बात  कैसे  कहें  हम सजन को 

रेखा जोशी 

Monday, 2 January 2017


बहरे- रमल मुसम्मन महज़ूफ़
अर्कान= फ़ाइलातुन, फ़ाइलातुन, फ़ाइलातुन, फ़ाइलुन
तक़्तीअ= 2122, 2122, 2122, 212 पर.

तोड़ कर वह दिल हमारा मुस्कुरा कर चल दिए
बेबसी पर वह हमारी खिलखिलाकर चल दिए
,,
रात की तन्हाइयों में चाँद छुप कर खो गया
रौशनी भी  चाँद की  साजन चुराकर चल दिए
,,
प्यार कर हमको अकेला राह में छोड़ा क्यों
आसमाँ  हमको दिखा कर फिर गिराकर चल दिए 
,,
दिल हमारे को खिलौना जान कर तोडा सजन
आग सीने में हमारे तुम लगाकर चल दिए
,,
ज़िन्दगी ने  है दिखाये गम बहुत रेखा हमें
ज़िन्दगी भर के लिए वह तो भुलाकर चल दिए

रेखा जोशी