टूटी नहीं ज़िन्दगी से आस
है जब तक इस जीवन में सांस
तन से गर लाचार हैं तो क्या
हमें खुद अपने पर है विश्वास
रेखा जोशी
टूटी नहीं ज़िन्दगी से आस
है जब तक इस जीवन में सांस
तन से गर लाचार हैं तो क्या
हमें खुद अपने पर है विश्वास
रेखा जोशी
बगिया में फूलों को मुस्कुराते देखा
भँवरों को भी गुन गुन गुनगुनाते देखा
,
कुहुक रही कोयलिया यहाँ डार डार
तितली को भी उत्सव मनाते देखा
,
छाई बहार भर लो आंचल में खुशी
मुस्कुराती उमंगों को गाते देखा
,
छिड़े दिल के तार पुकारती बहारें
दिल की धड़कन को खिलखिलाते देखा
,
नाच रही सखियाँ झूम झूम अंगना
मस्ती में झूमते लहराते देखा
रेखा जोशी
हाल दिल का किसी से कहा नहीं जाता
बिना बताये भी अब रहा नहीं जाता
कब तक उठाएँ गे हम बोझ जीवन का
दर्द अब और हमसे सहा नहीं जाता
रेखा जोशी
फूल देख भँवरे को गुनगुनाना आ गया
महफिल में तेरी यहाँ दीवाना आ गया
जलने की परवाह नहीं पगला है वह तो
शमा पर मर मिटने को परवाना आ गया
रेखा जोशी
गीतिका
तुम मिले ज़िन्दगी को सहारा मिला
डूबती नाव को इक किनारा मिला
,
साथ तेरा मिला हर खुशी है मिली
अब हमें खूबसूरत नज़ारा मिला
,
आ गए ज़िन्दगी में हमारी सजन
आपका साथ रब का इशारा मिला
,
साथ तकदीर ने है दिया ज़िन्दगी
प्यार हमको पिया अब हमारा मिला
,
थी अँधेरी पिया रात काली बहुत
दूर अंबर सजन इक सितारा मिला
रेखा जोशी
प्यार तुमसे है किया हमने निभाने के लिए
छोड़ हमको क्यों गए तुम दिल दुखाने के लिए
,
रात रोती रह गई है चाँद खोया आसमां
इक सितारा है चमकता ग़म भुलाने के लिए
,
चाहतें रूठी हमारी आस भी कोई नहीं
जिंदगी है बोझ अपना अब उठाने के लिए
,
जिंदगी से दर्द ही हमको मिले किससे कहें
और मत लो इम्तिहाँ अब आज़माने के लिए
,
खूबसूरत ये नज़ारे अब बुलाते हैं हमें
गर न आओ तुम यहां है दिल जलाने के लिए
,
देखते हैं रात भर हम ख्वाब तेरे जिंदगी
गीत लब पर आ गए हैं गुनगुनाने के लिए
,
आरज़ूएँ हज़ार रखते हैं जिंदगी से हम
आज फिर उड़ने लगे है मुस्कुराने के लिए
रेखा जोशी
ओ पिया भूल गए
क्यों अपना अंगना
जानें कहाँ
चले गए तुम
रूठ कर हमसे
हुआ जीवन
अब पतझड़ बिन तेरे
जानें कैसी चली हवा
टूट कर डाली से
बिखर गए सभी पत्ते
यहाँ वहाँ
था कभी जो हरा भरा
अपना अंगना
सूना सूना सा लगे अब
बिन तेरे
आ भी जाओ पिया
बन के बहार
जीवन में हमारे
पुकारे तुम्हें हम
बिन तेरे
ओ पिया
लागे न जिया
रेखा जोशी