Sunday, 27 January 2013

रहे सदा निरोग आपका परिवार


वास्तु टिप्स
१ घर के अंदर पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा नमक चाहे समुद्री हो या सेंधा अवश्य मिला देना चाहिए |
२घर के अंदर  किसी बीम के नीचे न तो बैठे और न ही सोये |
३ सोते समय सिर सदा दक्षिण और पाँव उत्तर दिशा में होने चाहिए |
४ घर के मुख्य गेट  के सामने कूड़ा जमा करने का स्थान या  बिजली का खम्बा नही होना चाहिए |
५ घर में ऐसी पेंटिंग न लगायें जिससे अशांति  या पीड़ा का बोध हो ,बल्कि ऐसे चित्र लगायें जिसे देख आपका और आपके परिवार का मन प्रफुल्लित रहे |
६ घर में टायलेट दक्षिण या पश्चिम दिशा में होना चाहिए ,किसी बर्तन में नमक वाला पानी टायलेट में रखने से बीमारियाँ दूर होती है |

रेखा जोशी

जल उठी मशाल

दामिनी की तड़प से आज पूरा भारतवर्ष तड़प उठा है ,भले ही वह जिंदगी की जंग हार गई और  इस दुनिया से सदा सदा के लिए चली गई ,लेकिन वह  पूरे हिन्दुस्तान के घर घर में एक ऐसी मशाल जला गई , जिस की आंच ने  दिल्ली की सड़कों पर बिना किसी  नेतृत्व के देश के युवा वर्ग को संगठित कर दिया,कैंडल मार्च ,शांति मार्च करते हुए भारत के युवा को पुलिस दुवारा छोड़े गए आंसू गैस के गोले ,पानी की बौछाड़े और लाठीचार्ज भी नही रोक पाए ,सब एक ही  सुर में दामिनी के लिए इन्साफ की मांग की दुहाई दे रहे है ,जन्तर मंतर पर आज भी भूख हड़ताल रख रहे कई नवयुवक ,नवयुवतियां बैठे सरकार के फैसले का इंतज़ार कर रहे है ,अपराधियों के लिए फांसी हो याँ उन्हें नपुंसक बनाने की मांग ,जो भी सजा उन्हें मिले उसका निर्णय शीघ्र होना चाहिए ,फास्ट ट्रेक कोर्ट होने चाहिए जो ऐसे जघन्य ,विभीत्स अपराधों पर तुरंत  निर्णय ले सके |१६ दिसम्बर को हुई  इस शर्मनाक घटना के बारे में   खुल कर आलोचना कर रहे युवा वर्ग  आज दामिनी की आत्मा की शांति के लिए भारत सरकार से यह उम्मीद कर रहें  है कि महिलायों पर हो रहे इस प्रकार के अपराध पर तुरंत कार्यवाही करें और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले ताकि आगे से इस तरह के अपराधों पर अंकुश लग सके |आये दिन हमारे देश की अबोध बच्चियों ,महिलायों के साथ होते बलात्कार के आंकड़े दिन प्रतिदिन बढ़ने से लोगों में भीतर ही भीतर पनपते आक्रोश में दामिनी की तड़प से उबाल आ गया है और आज केवल दिल्ली से ही नही बल्कि दूर दूर से आ रहे युवा ,इण्डिया गेट,राज पथ और राष्ट्रपति भवन के सामने अपनी भावनाओं का प्रदर्शन कर सम्पूर्ण नारी जाति की सुरक्षा की मांग कर रहें है |बिना किसी नेता के इतना बड़ा जनसमूह अपना विद्रोह प्रदर्शन करने आज सरकार के सामने  उतर कर  आया है जिसने सरकार और पुलिस की नींदे हराम कर रखी है |आज भारत का हर घर दामिनी के साथ हुए गैंगरेप से भावनात्मक तौर से इस तरह जुड़ चुका है जैसे उनके अपने घर में ही यह खौफनाक  हादसा हुआ हो ,हर घर की बहू बेटी आज अपने ही इस देश में अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है क्योंकि इस तरह के अपराध करने के बाद भी अपराधी खुले आम  सडकों पर घूमता रहता है ,हैरानी की बात है कि सज़ा का व्यवधान होते हुए भी अपराधी कानून की ग्रिफ़्त से न जाने कैसे बच निकलते है |कितनी ही लडकियां बलात्कार जैसे शर्मनाक  हादसे के बाद  मौत को गले लगा लेती है ,उनके अपने माँ बाप भी उन्हें अपनाने से इनकार कर देते है ,तन मन और आत्मा तक से पीड़ित लड़की इस विक्षिप्त मानसिकता वाले समाज में बिलकुल अकेली और असहाय सी घुट घुट कर जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो जाती है ,क्या यही नारी सशक्तिकरण है ? यहाँ तक कि कभी कभी तो रक्षक ही भक्षक बन जाते है |कई बार अख़बारों की  सुर्ख़ियों में अक्सर बाप द्वारा अपनी ही बच्ची के साथ बलात्कार ,भाईओं दवारा अपनी ही बहनों का शोषण ,पति अपनी अर्धांगिनी की दलाली खाने के समाचार छपते रहते है  और उनके कुकर्म का पर्दाफाश न हो सके इसके लिए बेचारी नारी को यातनाये दे कर,ब्लैकमेल कर के उसे अक्सर दवाब में जीने पर मजबूर कर दिया जाता है |अपने ही परिवार से  जन्मी असुरक्षा का बोझ ले कर जब नारी घर से बाहर कदम रखती है तो उसके आस पास छुपे  भेडियो और गिद्धों का कब शिकार बन जाये ,वह स्वयं नहीं जान पाती ,और तो और कई महिलाये भी इस घृणित कार्य में संलग्न है |पाश्चात्य सभ्यता का अंधाधुन्द अनुसरण भी एक कारण है ,नारी के असुरक्षित होने का,उनका पहनावा ,स्वछंद सोच ,और जैसा की आजकल का चलन होता जा रहा है ,लिव इन रिलेश्न्शिप्ज़ का , जो की अपराध को खुलेआम चुनौती दे रहे है |हमारे  परिवार अगर  अपनी बेटी में बेटों सा आत्मविश्वास पैदा कर सकें ,उन्हें मार्शल आर्ट्ज़ की ट्रेनिग प्रदान करें ताकि  कुछ हद तक वह अपनी सुरक्षा  ऐसे अपराधिक मानसिकताओं वाले जंगलियों से कर सकें |बलात्कार जैसी घिनौनी घटनायों पर अंकुश लगाना अत्यंत ही कठिन है ,माँ बाप दोनों ही इस भागती दौड़ती जिंदगी का एक हिस्सा बन चुके है ,बच्चों में संस्कारों की कमी लगातार बढती जा  रही है ,रही सही कमी टी वी और इंटरनेट पूरी कर रहें है ,हर विज्ञापन में औरत के ऐसे रूप को दर्शाया जाता है जिसे देख कर खुद नारी को भी शर्म आ जाए |यह सब देख कर बहुत ही दुःख होता है ,लेकिन आज दामिनी जो मशाल जला गई है वह कुछ न कुछ रंग तो जरूर ले कर आये गी ,सरकार को नारी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने होंगे और वही हम सब भारतवासियों की दामिनी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी  |

रहे माँ लक्ष्मी का वास सदा आपके घर में


वास्तु टिप्स
१इस बात का सदा ध्यान रखें कि आपके घर के किसी भी नल से पानी बहना याँ  टपकना नही चाहिए वह इसलिए कि पानी का बहने  याँ टपकने से आपकी जेब हल्की हो  सकती है ,अपने घर के सभी नल ठीक करवा ले |
२ अगर आपका व्यवसाय होटल याँ भोजन ,भोजन सामग्री के साथ जुड़ा हुआ है तो वहां का प्रवेश दुवार का मुख दक्षिण दिशा में होना चाहिए |
३ अगर आपका व्यवसाय मनोरंजन याँ खेलकूद से जुड़ा हुआ है तो वहां के मुख्य प्रवेश दुवार का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए
४ अन्य व्यवसायों के लिए प्रवेश दुवार का मुख उत्तर दिशा में शुभ माना जाता है |
५ अपने घर का कीमती समान ओर तिन्जोरी ऐसी अलमारी में रखे जो सदा पश्चिम याँ दक्षिण की दीवार की तरफ लगी होनी चाहिए ताकि उसके दरवाज़े खुले वह पूर्व याँ उत्तर दिशा की तरफ खुले |

Saturday, 26 January 2013

आवाज़ दो हम एक है

''दिशा जागो तुमने आज कालेज जाना है न ''जागृति  ने अपनी प्यारी बेटी को सुबह सुबह जगाते हुए कहा |दिशा ने नींद में ही  आँखे मलते हुए कहा ,''हाँ माँ  , हमे अपने कालेज के समारोह में जाना है और इस राष्टीय पर्व को मनाने के लिए हमने बहुत बढ़िया कार्यक्रम  भी तैयार किया हुआ है ,''जल्दी से दिशा  ने अपना बिस्तर छोड़ा और कालेज जाने की तैयारी में जुट गई| दिशा को कालेज भेज कर जागृति भी अपने गृहकार्य में व्यस्त हो गई | जब तक जागृति ने अपना कार्य निपटाया, दिशा घर आ गई ,उत्साह और जोश से भरी हुई दिशा ने आते ही माँ को अपनी बाहों भर लिया ,''वाह माँ आज तो मजा ही आ गया ,देश भक्ति के जोशीले गीतों ने क्या समां बाँध दिया , माँ क्या अनुभूति हो रही थी उस समय ,जब कालेज के सभी विधार्थियों से खचाखच भरा हुआ पूरा का पूरा हाल राष्ट्र प्रेम से ओत प्रोत था, हमारे प्रिंसिपल ,सब टीचर और सारे विधार्थी एक ही सुर में गा रहे थे ,''आवाज़ दो हम एक है ,हम एक है ,''ऐसा लग रहा था मानो पूरा हिंदुस्तान एक ही सुर में गा रहा हो ,हम एक है ,हम एक है और माँ वह नाटक ,जो मैने और मेरी सहेलियों ने मिल कर तैयार किया था ,''आजादी के मतवाले ''एकदम हिट रहा ,क्या एक्टिंग की थी हम सबने, स्वतन्त्रता संग्राम की पहली लड़ाई में ,वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई ने कैसे अपने छोटे से बच्चे को पीठ पर बाँध कर अंग्रेजों के छक्के छुड़ा  दिए थे  ,क्या जोशीले संवाद थे सुभाषचन्द्र बोस के ,''तुम मुझे खून दो मै तुम्हे  आज़ादी दूंगा ,''आज़ादी के दीवाने भगत सिंह ,सुखदेव और राजगुरु ने हँसते हँसते फांसी को गले लगा लिया था |दिशा का देश प्रेम के प्रति उत्साह देख कर जागृति का रोम रोम खिल उठा ,कितना जोश और उत्साह भरा हुआ है आज के युवा में ,इस देश की संगठित युवा शक्ति ही भारत का नव निर्माण कर सकती है |आज हमारा देश अनगिनत समस्याओं से घिरा हुआ है ,एक ओर तो भटका हुआ युवा  रेव पार्टीज़ ,पब,नशीले पदार्थो का सेवन कर दिशाविहीन हो अंधाधुंध पाश्चात्य सभ्यता का अनुसरण कर रहा है तो दूसरी तरफ बेरोज़गारी ,महंगाई से झूझते कई परिवार दो समय की रोटी के लिए संघर्षरत है ,भ्रष्टाचार रूपी  राक्षस हरेक की जिंदगी को निगल रहा है ,अपनी संस्कृति और संस्कारों को भूल कर हर इंसान पैसे के पीछे भाग रहा है ,चाहे कैसे भी मिले बस हाथ में पैसा आना चाहिए ओर ईमानदार इंसान को आज बेफकूफ समझा जाने लगा है,आतंकवाद की तलवार सदा हमारे सिर पर मंडराती रहती है ,किसान आत्महत्या कर रहे है ,बहू बेटियों की अस्मिता असुरक्षित है ,आसाम सुलग रहा है,अपने ही देश में  लोग परायों सी जिंदगी जीने पर मजबूर है ,अनेक घोटालों में  घिरी यह भ्रष्ट सरकार क्या जनता को सुरक्षा प्रदान कर पाए गी ? आज़ादी के मतवालों ने अपने प्राणों की आहुति दे कर हमे सदियों से चली आ रही  गुलामी की जंजीरों से तो मुक्त करवा दिया,लेकिन क्या हमने उनकी कुर्बानी के साथ न्याय किया है ?हमारे देश का भविष्य आज भारत  युवा शक्ति पर निर्भर है लेकिन उन्हें आज जरूरत है एक सशक्त मार्गदर्शक की , जो उन्हें सही दिशा दिखला सके , भारत माता के प्रति उनके प्रेम को जोश और जनून में बदल कर उन्हें राष्ट्र के लिए जीना और राष्ट्र के लिए मरना सिखा सके ,अखंड भारत का स्वरूप दिखा कर उन्हें एकजुट कर सके ,तभी देशभक्ति का वह सुंदर गीत सार्थक हो सकेगा ,''आवाज़  दो हम एक है |''

Tuesday, 22 January 2013

रहे खुशहाल आशियाना आपका


वास्तु टिप्स   [रहे खुशहाल आशियाना आपका ]
आशियाना बनाने के लिए भूमि  की जरूरत होती है ,इसलिए घर का निर्माण करने से पहले निम्नलिखित बातों  पर ध्यान देना चाहिए ,
१ वास्तु के अनुसार गृहनिर्माण के लिए सर्वोत्तम  भूमि वर्गाकार होती है ,आयताकार भी उत्तम भूमि मानी जाती है |
२ गृहनिर्माण करते समय दिशायों का उचित ध्यान रखना चाहिए ,वह इसलिए कि घर में धूप ,हवा और प्रकाश  का सही ढंग से आवागमन हो सके |
३ घर के पूर्व में खुली जगह छोडनी चाहिए |
४पूजास्थल सदा ईशान कोण में होना चाहिए |
५ घर के आसपास मंदिर यां कोई अन्य पूजास्थल नही होना चाहिए |

Monday, 21 January 2013

अपने घर परिवार की सेहत के लिए आपका किचेन

आपके परिवार की सेहत के लिए किचेन
वास्तु टिप्स
१ वास्तु के  अनुसार किचेन सदा आग्नेय कोण यानिकि दक्षिण पूर्व दिशा में यां पूर्व दिशा में होना चाहिए |
२ भोजन बनाते समय हमारा मुहं पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए |
३खाद्य पदार्थ सदा ईशान कोण और आग्नेय कोण के बीच में दीवार के सहारे रखने चाहिए |
४ स्वच्छ पानी के लिए छोटा सी टैंकी ईशान कोण में होनी चाहिए |
५ किचेन में जल निकास के लिए नालियां दक्षिण और पश्चिम की तरफ होनी चाहिए।
६ किचेन में  स्वचछता का सदा ध्यान रखना चाहिए । 

Sunday, 20 January 2013

महकता रहे आपका घर आंगन


वास्तु टिप्स [महकता रहे आपका घर आंगन ]
घर की सुख शांति के लिए वास्तु का बखूबी योगदान है  |आप अपने घर की बगिया को वास्तु के अनुसार सजा सकते है
१ अगर आप के  घर का गार्डन याँ बालकोनी पूर्व की तरफ है तो गार्डन में पीले रंग के पौधे और हरे रंग के पत्तों वाले सजावटी पौधे लगाये
२ .अगर आप के  घर का गार्डन याँ बालकोनी पश्चिम की तरफ है तो वहां सफेद रंग के फूल लगाए
३   अगर आप के  घर का गार्डन याँ बालकोनी उत्तर की तरफ है तो गार्डन में गहरे नीले रंग  के पौधे और हरे रंग के पत्तों वाले सजावटी पौधे लगाये
४ अगर आप के घर का गार्डन याँ बालकोनी दक्षिण की तरफ है तो लाल ,गुलाबी गुलाबों की खुश्बू  आपके घर  आंगन को महका कर रखे गी