Thursday, 3 July 2014

मीठी वाणी से ही तो बनते सब के बिगड़े काम

जीत लेते सभी दिलों को प्यार के दो मीठे बोल
मीठे बोल से ही बने रहते यह रिश्ते अनमोल
मीठी वाणी से ही तो बनते सब के बिगड़े काम
कुछ भी कहने से पहले तोल ले फिर बाद में बोल
रेखा जोशी

छेड़ देते हो दिल में हमारे फिर वही तराना


माना था तुम्हे अपना गैरों को दिया सहारा 
अब किसे पुकारे न मिला हमे तेरा इक सहारा

चाहत  तेरी लिए भटकते रहे हम दर ब  दर
अच्छा किया जो तुमने कर लिया यूँ  किनारा

तन्हाई में तेरी तस्वीर से करते रहे बाते
चुरा लिया चैन दिल का क्यों चुपके से अब हमारा

यादों में आ कर अक्सर मुस्कुराते हो हमारी
छेड़  देते हो  दिल में  हमारे फिर  वही  तराना

रख लिया छुपा कर तुम्हे पलकों में अपनी हमने
देख लेंगे  जीवन  भर हम अब तो यही नज़ारा

रेखा जोशी







Sunday, 29 June 2014

फैला दे सब ओर मुहब्बते ही मुहब्बते

ज़िंदगी में गम है बहुत
फिर भी
यह हसीन लगती है
कुछ पल गम
तो
कुछ पल ख़ुशी होती है
यूहीं ऋतुओं का आना जाना मुस्कुराना
और
हमसे यह कहना
हर गम तू भुला दे
आएं गे
खुशियों के पल
 दोबारा
जो हो सके तो
 मिटा दे
चिंताएँ अपनी सारी
जो हो सके तो
बदल  दे
नफरतों की दिशा
फैला दे सब ओर
मुहब्बते ही मुहब्बते

अनुज शर्मा

शौक ऐ मुहब्बत

माना कि दिल में
तुम्हारे
है प्यार का हसीं जज़्बा
है जनून भी इश्क में
तुम्हारे
लेकिन मत करो इज़हार
इसका
तुम शौक ऐ मुहब्बत
के लिए
भर लो तुम
इसमें
रंग वफ़ा का
है करना पड़ता
महसूस इसे
जज़्बातों से
आसान नही
मुहब्बत निभाना
दिल ओ जान से
है बनना पड़ता
अपने
दिलबर का
उम्र भर के लिए

रेखा जोशी





Friday, 27 June 2014

अपने बालकों में माँ की बसती है जान

पूत चमके जैसा दिनकर माँ का अरमान
आकाश को छू ले उड़कर माँ का अरमान
अपने बालकों में माँ की बसती है जान
दे आशीष स्नेह भरकर माँ का अरमान
रेखा जोशी

उड़ता जाये चंचल चितवन संग पवन के

उड़ता जाये चंचल चितवन संग पवन के
महका  जाये  मेरा  आँगन संग पवन के 
नील गगन में  घिर आये  है काले बादल
बरसता  जाये  यहाँ सावन संग पवन के

रेखा जोशी 

ज़िन्दगी गाती सदा नित यह तराने है


ज़िन्दगी  गाती सदा  नित  यह  तराने  है
प्यार  तुमसे  अब  बने  लाखों  फ़साने  है 
खोल कर दिल को निगाहों ने दिया  है रख 
चाह  यह  तेरी    लिये   बीते  ज़माने   है 

रेखा जोशी