Sunday, 1 October 2017

दे दो सहारे उन बेचारों को

दे के आवाज़ गम के मारों को
दे दो  सहारे  उन   बेचारों को
,
जीवन में उन्हें मिले दुख ओ दर्द
बना लो अपना उन बेसहारों को
,
भटक रहे गली गली हो दर बदर
दे  दो  आवास  उन बंजारों को
,
दुनिया ने चुभाए शूल पांव में
निकाल दो आज तुम उन खारों को
,
नहीं मिली खुशियां कभी जीवन में
उनके लिए बुला लो बहारों को

रेखा जोशी

Friday, 29 September 2017

Happy Dussehra


रावण रहता हर गली,सीता दुखी अपार
राम आज आओ यहां ,कर  रावण संहार

रेखा जोशी

Thursday, 28 September 2017

मुक्तक


ज़िन्दगी  देती  रहे दुख  दर्द  जब इंसान को
बेचता  यूं  ही  नहीं   है  आदमी  ईमान   को
भूख से  देखा  तड़पते आदमी को जब यहां
रख दिया इंसान ने फिर ताक पर सम्मान को

रेखा जोशी

Wednesday, 27 September 2017

विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं


हर साल
जलाते रावण हम
क्यों मनाते खुशियां
उसे जला कर
पूर्ण ज्ञानी शिव भक्त
था रावण
लेकिन
मरता नहीं वह कभी
अमृत नाभि में है उसके अभी
बार बार जी उठता वह
मानते उसे प्रतीक बुराई का
लेकिन
नहीं मिटा पाते 
बुराई अपने भीतर की
जलाना है रावण
तो
आओ मिटाएं बुराई
जला कर अपने
अंतस का रावण

रेखा जोशी

बेरोज़गारी

बेरोज़गारी

एम काम की डिग्री हासिल करने के बाद सुधीर को आशा थी कि उसके दिन बदल जायेंगे ,एक अच्छी सी नौकरी मिल ही जाएगी,मां बाप ,पत्नी निशा  और अपने बच्चों की जिम्मेदारी वह अच्छी तरह निभा सकेगा ।वह एक के बाद एक इंटरव्यू देता रहा लेकिन केवल निराशा ही हाथ लगी ।दिन प्रतिदिन  वह अवसाद में  डूबता चला गया ,हालत यहां तक पहुंच गए कि उसने  आत्महत्या करने की ठान ली ।निशा उसकी परेशानी समझ रही थी ,उसने हिम्मत नहीं हारी और "स्टार्ट अप" शुरू करने के लिए लोन ले लिया और घर में ही पापड़ और आचार बनाने का काम शुरू कर दिया ,अपने पति के साथ मिल कर उसे केवलअवसाद से बाहर ही  नहीं निकला बल्कि उसकी बेरोज़गारी को अंगूठा दिखा दिया।

रेखा जोशी

Tuesday, 26 September 2017

प्यार किया है हमने तुमसे


दिल हमारा दुखाया न करो
नज़रें  पिया  चुराया न करो
प्यार  किया  है हमने तुमसे
तुम  हमें यूं सताया  न करो

रेखा जोशी

मिथ्या है यह बन्धन सारे तोड़ जाना इक दिन


बहुत सोये जीवन भर अब तो जाओ तुम जाग
जीवन अपना  ऐसे   जियो   लगे  न कोई दाग
मिथ्या है यह बन्धन सारे तोड़  जाना इक दिन
करते  रहना  सतकर्म  तुम  ह्रदय में धर विराग

रेखा जोशी