वीर कमांडर देश का हैं करें उसका हम वंदन
प्रार्थना करें उसके लिए है भारत का जन जन
खेल जान पर अपनी रोशन किया नाम देश का
आओ करें अभिनंदन का सभी मिल कर अभिनंदन
🙏 🙏
रेखा जोशी
वीर कमांडर देश का हैं करें उसका हम वंदन
प्रार्थना करें उसके लिए है भारत का जन जन
खेल जान पर अपनी रोशन किया नाम देश का
आओ करें अभिनंदन का सभी मिल कर अभिनंदन
🙏 🙏
रेखा जोशी
बादलों के रथ पर हो के सवार
उड़ी उड़ी आज आसमां के पार
....
भीगा भीगा सा है देखो गगन
ओस की बूँदों से निखरा उपवन
खिले फूल औ भंवरों की गुंजन
अद्भुत नजारों से झूमे संसार
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रूप अनोखा समाया कण कण में
भर दी उमंग मेरे तन बदन में
झूम के निकली सवारी गगन में
सतरंगी किरणों ने किया सत्कार
बादलों के रथ..
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आलौकिक छटा मुग्ध हुआ मनुआ
बिखरा प्रकृति का हर ओर जलवा
जल भर लाई संग आज पुरवा
सिहर उठ तन चली शीतल बयार
बादलों के रथ.
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अरुण की रश्मियां थिरकती जाएँ
झूला झूलाएँ मस्त हवाएँ
नील गगन पर झूम झूम गायें
पंछियों की लंबी सुन्दर कतार
रेखा जोशी
प्यार दिल से जुदा नहीं करते.
बेवफा से वफ़ा नही करते
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साथ तेरा मिला हमे साजन
फिर जुदा हो जिया नही करते
....
प्यार जीवन में किया है गर
फिर धोखा दिया नहीं करते
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चाँद तारे यहाँ उतर आये
अब ज़मीं से गिला नहीं करते
...
बात दिल की सजन बता दो अब
किसी से जो कहा नहीं करते
रेखा जोशी
ठंड के मौसम में भाती धूप
गुम हुई आज खिलखिलाती धूप
छिप गई है सफेद आँचल तले
धरा पर जो थी इठलाती धूप
रेखा जोशी
पांच सालों में शक्ल दिखलाते
झूठ बोलते तनिक न घबराते
करके झूठे वादे ये नेता
भोली जनता को है बहकाते
रेखा जोशी
122 122 122 12
सदा साथ अपना निभाना पिया
हमें छोड़ तुम फिर न जाना पिया
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नहीं कुछ हमें चाहिये जिंदगी
मिले प्यार तेरा सुहाना पिया
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चलें प्रीत की हम गली में सजन
न करना नया तुम बहाना पिया
...
मिला के कदम संग चलते चलें
बने ज़ालिम फिर ज़माना पिया
....
खुशी जिंदगी में हमें है मिली
न फिर ग़म कभी तुम बुलाना पिया
रेखा जोशी
सुख दुख की लहरों पर अक्सर
लड़खड़ाती है जीवन नैया
काटना कठिन है जीवन सफर
है संघर्षरत यह जीवन
.
घिर घिर काले घन आते जब
प्रलय की आँधी से फिर तब
रह रह कर उठे बवंडर
ऊंची नीची लहरों से जूझते लड़ते
थक जाता है मानव अक्सर
बाधाओं से घिर जाये मानव तब
है संघर्षरत यह जीवन
.
चमक चमक कर नभ में जब
जिया धड़काती दामिनी
घबराना नहीं डरना भी नहीं
चीर कर घोर तूफानों को तब
बढ़ते रहना तुम निरंतर
पार बाधाओं को कर सारी
मंजिल पानी है तुम्हें
उस पार नैया ले जानी तुम्हें
चलते जाना तुम अविचल
है संघर्षरत यह जीवन
रेखा जोशी