Wednesday, 2 May 2018

लेकर नव रूप करे सिंगार यह जिंदगी

हर्ष  में  खिलता  हुआ  प्यार  है  ज़िंदगी
ले  नव  रूप  करे    सिंगार    है  जिंदगी
सूरज  नित  आता  गगन नई  आस लिए
आगमन   भोर  का  आधार   है  ज़िंदगी

रेखा जोशी