भाई बहन के प्यार का छोटा सा संसार
छोटे से संसार में छुपा है अनुपम प्यार
रक्षा भैया तुम करना माथे तिलक सजाये
राखी बांध कलाई पर बहना करे दुलार
रेखा जोशी
भाई बहन के प्यार का छोटा सा संसार
छोटे से संसार में छुपा है अनुपम प्यार
रक्षा भैया तुम करना माथे तिलक सजाये
राखी बांध कलाई पर बहना करे दुलार
रेखा जोशी
पुष्पित उपवन यहाँ सुन्दर नज़ारे
आओ बनें इक दूजे के सहारे
तर्क वितर्क में आखिर क्या है रखा
हंसते खेलते जिंदगी गुज़ारें
रेखा जोशी
घूम घूम
जीवन है गुज़ारे
बंजारे हम बंजारे
गर्मी हो या हो सर्दी
चलते जाना चलते जाना
नहीं है कोई ठौर ठिकाना
मस्ती में ही जीवन बिताना
ओढ़े रात को चंदा तारे
घूम घूम
जीवन है गुज़ारे
बंजारे हम बंजारे
धराअपनी अपना गगन
अपनी दुनिया रहते मगन
मिल बैठ सभी खाना खाना
गीत मिलजुल कर है गाना
रहते हम मिलजुल कर सारे
घूम घूम
जीवन है गुज़ारे
बंजारे हम बंजारे
रेखा जोशी
दो दिन की है ज़िन्दगी पूरे अरमान कीजिए
रंग रूप का अपने न कभी भी गुमान कीजिए
रहें सदा हर्षित मनाएँ उत्सव सी जिंदगी
पल दो पल यहाँ पर कभी तो आराम कीजिए
रेखा जोशी
मुक्तक
है बोल सत्य के कड़वे लगते जीवन में
सत्य की राह पर जाना चलते जीवन में
झूठ दो दिन चले यहां अंत सत्य ही जीते
नहीं झूठ से सांठ गांठ करते जीवन में
रेखा जोशी
गीत
झूला झूले सखियाँ पिया तोहे पुकारूँ
उड़ उड़ जाये चुनरी राह तेरी निहारूँ
……
है तीज का त्यौहार बाबुल तोरे अँगना
मेहँदी रचे हाथ नाम के तोरे सजना
खन खन चूड़ी खनके माथे बिंदिया सजाऊँ
झूला झूले सखियाँ पिया तोहे पुकारूँ
उड़ उड़ जाये चुनरी राह तेरी निहारूँ
…...
न लागे मोरा जिया तेरे बिन ओ सैयाँ
पकड़ो मोरी बैयाँ लूँगी सजन बलैयाँ
छन छन पायल बाजे रूठा बलम मनाऊँ
झूला झूले सखियाँ पिया तोहे पुकारूँ
उड़ उड़ जाये चुनरी राह तेरी निहारूँ
……
रिम झिम बरसे पानी ठंडी पड़े फुहारें
धड़के मोरा जियरा साजन तुम्हे पुकारे
संग चलूँ मै तेरे सातों वचन निभाऊँ
झूला झूले सखियाँ पिया तोहे पुकारूँ
उड़ उड़ जाये चुनरी राह तेरी निहारूँ
रेखा जोशी
यूँ ही आता है ख्याल कभी कभी
उर में उठे ये सवाल कभी कभी
गर तुम न होते कैसे जीते हम
कौन पूछता फिर हाल कभी कभी
रेखा जोशी