Friday, 19 July 2019

सजन रे झूठ मत बोलो

माना कि बन जाते
काम कई
लेकर झूठ का सहारा
मीठी छुरी
झूठ लगता सबको प्यारा
झूठों ने पाये
जीवन में मुकाम नये
सत्य लगता कडवा भले
लेकिन फिर भी है न्यारा
जो बोलोगे झूठ तुम
वाह वाही भी लूट लोगे
पकड़ा गया झूठ अगर तब
करेगा कौन एतबार तुम पर
सजन  रे झूठ मत बोलो
सच का दामन
गर थाम ले प्यारे
हो  जाएंगे वारे न्यारे

रेखा जोशी

Monday, 8 July 2019

पुकारे गी इक दिन ज़िन्दगी मुझे

ऊँचे नीचे  पथरीले रास्तों पर
डगमगाती ज़िन्दगी
राह अंजान पथ है सूना
चला जा रहा हूं ज़िंदगी में अकेला
न साथी न कोई सहारा मेरा
लेकिन मुझे है यक़ीन
देगी आवाज ज़िंदगी मुझे
बाहें फैलाये किसी खूबसूरत मोड़ पर
पुकारे गी इक दिन ज़िन्दगी मुझे

रेखा जोशी

Thursday, 27 June 2019

जब से हुई है तुमसे आँखें चार

जब से हुई है तुमसे आँखें चार
जग उठे हैं दिल में अरमान हजार
..
ख्यालों  में रहते हमारे सदा तुम
करने लगे तुमसे प्यार हम अपार
...
दिल में मेरे जब से आए हो तुम
आँखे बंद कर  निहारें बार  बार
...
जाओ गे दूर हमसे जब कभी तुम
ज़िंदगी भर करेंगे हम इंतजार
..
तुम ही तुम हो  जिंदगी में हमारी
है  तुमसे  ही अब  हमारा संसार

रेखा जोशी

Sunday, 23 June 2019

जीवन में आ जाती बहार

जीवन में
आ जाती बहार
जो तुम आ जाते एक बार
..
सूना सूना अंगना
बिन तेरे सुन प्रियतम मेरे
रूठ गया जैसे सारा संसार
जो तुम आ जाते एक बार
..
लोचन व्याकुल
राह निहार रहे तेरी
हर आहट पर
पागल नैना ढूँढे तुम्हें
तरस रहे तेरा दीदार
जो तुम आ जाते एक बार
..
भोर हुई
न आए तुम
समाये रहे नैनों में तुम
रही बदलती करवटें
करती रही
रात बस तेरा इंतज़ार
जो तुम आ जाते एक बार

रेखा जोशी

जीवन में आ जाती बहार

जीवन में
आ जाती बहार
जो तुम आ जाते एक बार
..
सूना सूना अंगना
बिन तेरे सुन प्रियतम मेरे
रूठ गया जैसे सारा संसार
जो तुम आ जाते एक बार
..
लोचन व्याकुल
राह निहार रहे तेरी
हर आहट पर
पागल नैना ढूँढे तुम्हें
तरस रहे तेरा दीदार
जो तुम आ जाते एक बार
..
भोर हुई
न आए तुम
समाये रहे नैनों में तुम
रही बदलती करवटें
करती रही
रात बस तेरा इंतज़ार
जो तुम आ जाते एक बार

रेखा जोशी

Sunday, 9 June 2019

हार या जीत

ज़िंदगी के दो पहलू
जीत या हार पर
इसके बीच भी लेती
है साँस ज़िंदगी
कुछ सफलता
या कुछ असफलता लिए
न कर गम असफलता का
सीढ़ी है यह
जो दिखाती राह
सफलता की
होती है खत्म
जो जा कर जीत पर

रेखा जोशी

Friday, 24 May 2019

भाजपा की जीत पर

बजने लगे ढोल नगाड़े खुशियाँ आई द्वार
पहली बार किया भाजपा ने तीन सौ को पार
कमल के खिलने पर है हर्षित भारत की जनता
मोदी के नाम की सुनामी आई अब की बार

रेखा जोशी