Wednesday, 17 April 2013

माँ कालरात्रि

सप्तम शक्ति
गर्दभ पे सवार
माँ कालरात्रि
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ज्वाला अग्नि की
तीन नेत्र ब्रह्मांड
दुर्गुण भस्म
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करे कल्याण
सब दुःख हरनी
अम्बे भवानी
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रंग है काला
गले विद्धुत माला
नयन ज्वाला
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मिटे अँधेरा
फैल जाता प्रकाश
है शुभंकरी