Wednesday, 26 October 2016

खिलती धूप सी तुम्हारी मुस्कुराहट

जलने   से  दीपक  रौशनी  हो  जैसे
रात  में   बिखरती  चांदनी  हो  जैसे
खिलती धूप सी तुम्हारी मुस्कुराहट
शीतल  पवन  सी  सुहावनी हो जैसे
रेखा जोशी