Thursday, 6 June 2013

आप जब से मिले

आप जब से मिले हर ख़ुशी मिल गई
जिंदगी की  कसम  जिंदगी मिल गई

साथ  जब  से  चले   हमे  ऐसा   लगा
हर  कदम पर  नई जिंदगी मिल गई

प्यास  से जो  कभी  मुरझाई  सी  थी
प्यार का जल  मिला  कली खिल गई

अंधेरों   में   थे  अब  तलक  भटकते
आप क्या मिल गए रौशनी मिल गई

[महेन्द्र जोशी ]