Wednesday, 4 May 2016

हे श्याम साँवरे

हे श्याम साँवरे गौ मात के रखवाले तुम ।
गौ रक्षा कर गोवर्धन पर्वत उठाने वाले तुम ।
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दया करो दया करो सुनो फिर मूक पुकार तुम ।
कटती बुचड़खाने में आकर करो उद्धार तुम ।।
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हे श्याम साँवरे खाने को मिले घास नही ।
खा रही कूड़ा करकट कोई उसके पास नही ।|
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डोलती है लावारिस कोई उनका वास नही।
दीनदयाला अब तेरे सिवा कोई आस नही ।।
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हे श्याम साँवरे सुनो पुकार कामधेनु की।
संवारों तुम ज़िन्दगी माँ तुल्य कामधेनु की।|
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जर्जर काया बह रहे आँसू तुम्हे पुकारें ।
याद आयें धुन मधुर बंसी की तुम्हे पुकारें ।।
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रेखा जोशी