Monday, 27 June 2016

जियेंगे साथ हम तेरे मरेंगे साथ हम तेरे

छन्द- विजात (14 मात्रा के चार चरण, दो-दो क्रमागत चरण तुकान्त) 

मापनी - 1222 1222
कभी तो पास आना तुम 
नहीं फिर दूर जाना तुम 
जियेंगे  साथ  हम   तेरे 
मरेंगे   साथ   हम  तेरे 

रेखा जोशी