Tuesday, 20 August 2013

प्यार भरा रिश्ता [रक्षाबंधन ]


प्यार भरा रिश्ता [रक्षाबंधन ]

हर रिश्ते की अपनी ही एक गरिमा होती है ,ऐसे ही एक प्यारा रिश्ता होता है नन्द और भाभी का,बात रक्षाबंधन त्यौहार की है जब शैली की नन्द अपने प्यारे भैया को यानी कि उसके पति को राखी बाँधने उनके घर आई तो उस समय वहां 
बहुत ही खुशनुमा माहौल था और बहुत ही स्नेह से उसकी नन्द ने अपने भैया को तिलक लगा कर राखी बाँधी और ढेरों आशीर्वाद भी दिए उसके पति ने भी बहुत प्रेम से उसे सुंदर उपहार दिए ।काफी दिनों बाद दोनों भाई बहन मिले थे इसलिए वह अपने बचपन और घर परिवार की बाते याद करने लगे ,शैली भी रसोईघर में जा कर दोपहर के भोजन की तैयारी में जुट गई ,तभी उसे दोनों भाई बहन की जोर जोर से बोलने की आवाज़ सुनाई पड़ी ,वह भाग कर वहां पहुंची तो देखा किउसकी ननद अपने सारे उपहार छोड़ कर जा रही थी और उसके पति भी बहुत गुस्से में अपनी नाराज़गी जता रहे थे ,शैली भाग कर अपनी नन्द के पास गई और उसने उसे मनाने और रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन वह दरवाज़े से बाहर निकल गई ।पूरे घर का वातावरण गमगीन हो गया था ,यह सब देख कर शैली को बहुत ही दुख हो रहा था कि राखी वाले दिन उनकी बहन रूठ कर बिना कुछ खाये पिये उसके घर से जा रही थी लेकिनवह ठहरी भाभी , नाज़ुक रिश्ता था उसका और उसकी ननद के बीच।उसने जब अपने पति की तरफ देखा, तो उसे अपने पति की आँखों में पश्चाताप के आंसू साफ़ दिखाई दे रहे थे ,उसने झट से देरी न करते हुए अपनी ननद का हाथ पकड़ लिया ,इतने में उसके पति भी वहां आ गए और उन्होंने अपनी प्यारी बहना को गले लगा कर क्षमा मांगी ,दोनों की आँखों में आंसू देख शैली की आँखे भी नम हो गई ।उसने जल्दी से खाने की मेज़ पर उन्हें बिठा कर भोजन परोसा और सब ने मिल कर खाना खाया ।सारे गिले शिकवे दूर हो गए और नाराज़गी से भाई बहन के रिश्ते में पड़ी सिलवटें उनकी आँखों से बहते हुए आंसुओं से दूर हो गई थी। शैली के घर से वापिस जाते समय उसकी ननद ने उसे गले से लगा लिया और इस प्यार भरे रिश्ते की गरिमा बनाये रखने पर अपना आभार प्रकट किया |

रेखा जोशी