Monday, 5 August 2013

जागो भारत के वीर सपूतो

जागो भारत के वीर सपूतो 
है डूब  रहा  यह देश हमारा
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है लूट रहे इसे तेरे कई भाई
खनकते पैसों से ये पगलाये 
है भर रहे सब अपना ही घर 
तार तार कर माँ का आंचल 
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धधकती लालच की ज्वाला 
पर पनप  रहा  है भ्रष्टाचार 
माँ के कपूत ही नोच खा रहे
जकड़ के अनेक घोटालों में 
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याद करो अमर शहीदों  को 
मर मिटे भारत की खातिर 
दो  बूंद  आँखों  में  भर कर 
मुक्त करो माँ को गद्दारों से
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जागो भारत के वीर सपूतो 
है डूब  रहा  यह देश हमारा

रेखा जोशी