Monday, 1 September 2014

इधर उधर इतरा रही फूलों पर तितलियाँ


सुमन पर  भँवरा डोले ,  है  चहुँ  ओर   बहार
छटा   रंगीन   बिखेरे  ,  चलती  मस्त  बयार
इधर उधर  इतरा  रही  फूलों  पर  तितलियाँ
उपवन  में  फूल  खिलते , महक  उठा संसार  

रेखा जोशी