Thursday, 25 September 2014

पथ रहें तेरा निहारे ज़िंदगी भर हम यहाँ


राह  में  तेरी  बिछाये  फूल  सबने अब  सनम 
याद  ने  तेरी  चुभाये  शूल  अपने  अब  सनम 
पथ  रहें   तेरा  निहारे  ज़िंदगी  भर  हम  यहाँ 
माफ़ करना की कभी जो भूल हमने अब सनम 

रेखा जोशी