Saturday, 28 January 2017


मीत आज ज़िन्दगी हमें  रही पुकार है
रूप देख ज़िन्दगी खिली यहां बहार है
पास पास  हम रहें मिले ख़ुशी हमें सदा 
छोड़ना न हाथ साथ साथ हम चले सदा
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चलो ज़िंदगी का अब कर लें दीदार
जी लें हर लम्हा  जीत मिले या हार
आगे आगे हम  पीछे चलती मौत
न जाने कब छोड़ कर चल दें संसार

रेखा जोशी

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