Friday, 22 February 2013

बहार

गीत

मेरे जीवन में तुम आ जाना ;
बन के बहार छा जाना

दूँढू  तुझे इन गलियों में ;
देखूं तुझे इन कलियों में
इन्ही राहों को महकाते हुए
सूनी बाँहों में तुम आ जाना

मेरे दिल में है धडकन तेरी
मेरी आँखों में तेरे आंसू है
मैं तुझमे समां जाऊं
तू मुझमे समां जाना

मेरे जीवन में तुम आ जाना ;
बन के बहार छा जाना