Friday, 8 January 2016

हूँ छोटी सी तितली

है हरा भरा 
इनका संसार 
रंग चुराने फूलो का 
है उड़ती  यह 
डाली डाली 
खेल अजब प्रकृति का 
लाल पीले बैंजनी नीले 
सुन्दर रंगों से अपना  
रूप सजाती 
है मुग्ध देख इनकी कला 
सुन्दर से रंग बिरंगे पंख लिये 
कैसे बगिया में 
इठलाती इतराती 
हूँ छोटी सी तितली 
तो क्या हुआ 
चित्रकार हूँ मै सबसे महान 

रेखा जोशी