Wednesday, 27 January 2016

आज आगे देश को अब है बढ़ाना

जाग जाओ देश मिलकर है बचाना
नींद में सोये हुओं को है जगाना

साँस दुश्मन को मिटा कर आज लेंगे
साथ मिलकर अब बुराई है  मिटाना

मिट गये है देश पर लाखो सिपाही
जान अपनी वार कर अब है दिखाना

देश के दुश्मन छिपें घर आज अपने
पाठ उनको ढूँढ कर अब है पढ़ाना

प्यार से मिलकर रहें आपस सदा हम
आज आगे देश को अब  है बढ़ाना 
रेखा जोशी