Wednesday, 14 January 2015

सवार सात घोड़ों पे अलौकिक लालिमा लिये

उतर रहा नील  नभ पर सातवें आसमान से 
है थिरकती  रश्मियाँ दिवाकर चमके शान से 
सवार सात घोड़ों पे अलौकिक लालिमा लिये
स्फुरित है तन मन प्रकाशित सब हुऐ जहान में

रेखा जोशी