Sunday, 25 January 2015

बस यही इक पल

आगोश अपने में
ले रही
मौत हर पल
अब जो है पल
मिट रहा
जा चुका वह
काल में
आ रहा फिर
नव पल
तैयार है मिटने को 
वह  पल 
पल पल
मिट रही यह ज़िंदगी
है जो अपना
बस यही इक पल
कर ले पूरी
सभी चाहते
बस इसी 
इक पल में
है संवार सकता
जीवन
बस यही इक पल

रेखा जोशी