Friday, 9 June 2017

नदी नाले रहें है सूख सूखा है यहाँ हर वन

1222  1222  1222. 1222

नदी नाले रहे है सूख सूखा है यहाँ हर वन
सरोवर  ताल सूखे तड़पता है अब यहाँ जन जन
धरा सूखी यहाँ पौधे रहे है सूख बिन पानी
हमें है  आस घिर घिर आज  बरसेगा यहाँ सावन

रेखा जोशी