Thursday, 19 September 2013

चटपटी खिचड़ी हिंगलिश

ऊँची आवाज़ में टी वी चल रहा था ,”हर एक फ्रेंड जरूरी होता है ,”जिसे सुन कर मीना की एक वर्ष की नन्ही परी रोते रोते अचानक चुप हो गई ,मीना ने हैरानी से टी वी की तरफ देखा तो वहां पर विज्ञापन के लिए ब्रेक चल रहा था ,जी हाँ मीना की नन्ही परी विज्ञापनों की दुनिया में खोई हुई थी ,अपनी नन्ही सी गुडिया के साथ विज्ञापनों की इस दुनिया ने मीना का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया, हिंगलिश में बने विज्ञापनों ने हमे बहुत सी सुन्दर सदाबहार पंक्तिया दी है जैसे ”यह दिल मांगे मोर ”, ”क्या करें कंट्रोल नही होता” याँ फिर ”मेरा नम्बर कब आये गा, ” ऐसी अनेक पंक्तिया हम हर दिन कहावतों जैसे अपनी भाषा में प्रयोग करते है | मीना को कोई भी ऐसा विज्ञापन दिखाई नही दिया जो शुद्ध हिंदी भाषा में हो ,चाहे वह बाल धोने का शैम्पू हो या कपड़े धोने का साबुन ,पिज़्ज़ा का विज्ञापन हो याँ मुहं पर लगाने वाली क्रीम का ,अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए बहु राष्ट्रीय कम्पनियां विज्ञापनों में ऐसी भाषा को उपयोग में ला रहीं है जो जन साधारण की अपनी भाषा हो और यह सही भी है क्योंकि आज क्या बच्चा क्या बूढ़ा,आफिस में बॉस हो याँ घर पर पत्नी ,काम वाली बाई से ले कर सब्ज़ीवाले को यह चटपटी भाषा रास आ गई है ,कल घर का काम करने वाली बाई बोल रही थी ”बाबा रे बाबा मुझे तो बहुत टेंशन है ”तो आज सब्जीवाला कह रहा था ,”मेम साहब ओनियन एटी रुपीज़ किलो हो गया है ”| हिंदी भाषा में चटपटे छोंक का काम कर रहे है वाक्य के बीच बोले जाने वाले अंग्रेजी के शब्द |
इंग्लिश ,इंग्लिश है और हिंदी ,हिंदी है ,1980 के दशक में आई एक बालीवुड फिल्म ”चुपके चुपके”में कलाकार ओम प्रकाश ने अपने संवादों दुवारा दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था ,उस फिल्म की भूमिका में उसे दो भाषाओं की खिचड़ी बिलकुल भी पसंद नही थी,लेकिन हिंदी भाषा में अंग्रेजी भाषा का अतिक्रमण तो सन1600 में ईस्ट इण्डिया कम्पनी के भारत में कदम रखते ही शुरू हो गया था ,लेकिन धीरे धीरे समय के साथ बहुत ही सहज ढंग से अंग्रेजी भाषा में हिंदी के शब्द और हिंदी भाषा में अंग्रेजी भाषा के शब्द ऐसे घुल मिल गए और उभर कर आ गई एक नई चटपटी खिचड़ी भाषा ”हिंगलिश” ,जिसे क्वींस हिंगलिश के नाम से भी जाना जाता है,जो आज पूरी दुनिया में लगभग 350 करोड़ लोगों दुवारा बोली जाने लगी है | ”अब तो दिन प्रतिदिन इसका रूप और भी अधिक निखर कर आ रहा है | गृह मंत्रालय के एक आर्डर के अंतर्गत सरकारी कामकाज के लिए सरकारी अफसर,सेक्शन अफसर राज भाषा हिंदी के साथ हिंगलिश को भी उपयोग में ला सकते है ,वह इसलिए कि हिंगलिश के उपयोग से कम समय में और अधिक सरलता के सरकारी कामकाज को निपटाया जा सकता है |
आज जाने माने लेखक सलमान रश्दी और लेखिका शोभा डे की देखा देखी कई उभरते हुए लेखक भी अब खुल कर अपनी लेखनी में हिंगलिश का प्रयोग कर रहे है| साईंस और टेक्नोलोजी में हो रही नित नई प्रगति के कारण जब आज पूरा विश्व सिमट कर पास आ रहा है ऐसे में हिंगलिश हर दिन एक नये आयाम की तरफ अपने कदम बढ़ा रही है , जहां आक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में भी बिंदास ,तमाशा ,मेहँदी जैसे शब्द मिल जाते है वहीं अंग्रेजी के कई शब्द हमारी रोजमर्रा जिन्दगी का हिस्सा बन चुके है | एक तरफ तो हम कम्प्यूटर के दुवारा हिंदी शब्दों को अंग्रेजी में लिखकर दूर देश में बैठे ,हिंदी न लिखने वाले लोगों के साथ भी संवाद स्थापित कर सकते है तथा दूसरी ओर हम हिंगलिश दुवारा पूरी दुनिया में हिंदी ब्लागिंग की बढ़ती लोकप्रियता को बुलंदियों तक पहुँचाने में कामयाब हो सकते है|