Sunday, 11 May 2014

मनमोहक नज़ारों से सज रही है धरा ह्मारी

बिखेर कर रंग सिंदूरी आसमाँ लाल हुआ हैं
विचरते पंछियों से चहकता उषाकाल हुआ है
मनमोहक नज़ारों से सज रही है धरा ह्मारी
रवि के आगमन से जीवन यहाँ खुशहाल हुआ है
रेखा जोशी