Thursday, 14 August 2014

अब यह दर्द सहा जाता नहीं

क्या कहें कुछ  कहा जाता नहीं
बिन कहे अब  रहा  जाता नहीं

गम तो बहुत है  इस जीवन में
गम और अब  सहा जाता  नहीं

मिले गम बहुत अपनों  से हमें
गैर  से कुछ  कहा  जाता  नही

बहुत बहाये आँसू अब मगर
रोया  अब  हमसे  जाता  नहीं

माना की  दर्द यह हसीन  है
अब यह दर्द  सहा जाता नहीं

रेखा जोशी