Sunday, 30 August 2015

आते जाते नित सुख दुःख साथी यहाँ


गहरा सागर मगर किनारा दूर नहीं 
काली रात मगर उजियारा दूर नहीं 
आते जाते नित सुख दुःख साथी यहाँ
भरोसा कर प्रभु का सहारा दूर नहीं 

रेखा जोशी