Wednesday, 14 September 2016

आने से तेरे बगिया खिलखिलाने लगी

बरसों  से थी तेरी  वह  इंतज़ार तुम हो
मेरी ज़िन्दगी में लाई वह प्यार तुम हो
आने से तेरे बगिया  खिलखिलाने लगी
मेरे अँगना को महकाती   बहार तुम हो

रेखा जोशी