Monday, 14 September 2015

खिल गई यह ज़िंदगी तुम जो मिले

जग  गया  संसार चिड़िया चहकती
खिल  गये है  फूल बगिया महकती 
खिल गई यह ज़िंदगी तुम जो मिले 
अब यहाँ फूलों भरी डालि'यां झुकती

रेखा जोशी