Monday, 13 July 2015

रिमझिम बरसे काले बादल

हाइकू [सावन ]

बदरा छाये 
उड़ती चुनरिया 
सावन आये
… 
हवा शीतल 
रिमझिम बरसे 
काले बादल 
… 
बरखा आई 
भीगता तन मन 
खुशियाँ लाई 
… 
नाचते मोर 
गुनगुनाती हवा 
मचाती शोर 
… 
उमंग लाये 
गरजते बादल 
जिया धड़के 

रेखा जोशी