Sunday, 19 July 2015

जोड़ दी धरा गगन से

प्रगति के पथ पर 
कर रहा मानव उत्थान 
बनमानुष से बना इंसान 
कर रहा नित नये आविष्कार 
जोड़  दी
धरा गगन से 
जा पहुंचा चाँद के पार 
रच रहा इतिहास नये 
खोले मंगल के भी द्वार 
उन्नति की उड़ान ने 
मचा दी ब्रह्मांड में हलचल 
सभ्यता नई खोजने 
है रहा मानव मचल 
गर होती रही तरक्की ऐसे 
करेंगे  नाश्ता धरती पर 
और रात्रि भोज मंगल पर 

रेखा जोशी