Thursday, 11 December 2014

"ऊँची दुकान फीका पकवान"

लिये भर 
अब अपने घर 
मोटा 
हो गया पेट 
लद  गये 
घोटालों  से 
जेब में डाल भ्रष्टाचार 
घूम रहे 
लाल बत्ती लगाये 
लम्बी चमकती 
इनकी कार 
सेवक यह जनता के 
अनोखी इनकी शान 
बेईमान इन लोगों की 
दिखती ऊँची दुकान 
लेकिन 
यह परोस रहे 
भोली भाली जनता को
फीका पकवान 

रेखा जोशी