Wednesday, 17 June 2015

थिरकती गगन पर दिवाकर की सतरंगी रश्मियाँ

सप्तऋषि के दिव्य आलोक से झिलमिलाता है नभ
चमकता   सतरंगी  इन्द्रधनुष   भी  सजाता  है नभ
थिरकती  गगन पर  दिवाकर   की सतरंगी रश्मियाँ
सात   घोड़ों  पे  सवार  अरुण    जगमगाता  है  नभ

रेखा जोशी