Saturday, 31 October 2015

जाग जाओ देश मिलकर है बचाना

जाग जाओ देश मिलकर है बचाना 
नींद में सोये हुओं को  है जगाना 
…
साँस दुश्मन को मिटा कर आज लेंगे 
साथ मिलकर है बुराई  को मिटाना 
… 
मिट गये है देश पर लाखो सिपाही
आज कुर्बानी ज़माने को बताना
…
देश के दुश्मन छिपें घर आज  अपने
पाठ उनको ढूँढ कर अब है पढ़ाना 
…
प्यार  से मिलकर रहें आपस सदा हम 
आज मिलकर देश को आगे बढ़ाना 

रेखा जोशी 


No comments:

Post a Comment