Friday, 31 October 2014

गीतिका

गीतिका

झूला झुलाये हिचकोले पवन के
जियरा  धड़काये  हिचकोले पवन के
.
आई बरसात यह संग लाये खुशियाँ 
उड़ाये चुनरियाँ हिचकोले पवन के
..
रिमझिम रिमझिम बरसे घटा सावन की
पड़े फुहार संग हिचकोले पवन के
..
चहुँ ओर बगिया में छाई हरियाली
नाचत  मोर संग हिचकोले पवन के
..
बादलो की ओट से निकला है चाँद
शर्माए  चांदनी हिचकोले पवन के

रेखा जोशी