Wednesday, 29 April 2015

जी रहे सीने लगा कर दर्द हम अपने सजन फिर

अब सजन रोये बहुत हम बिन रहे तेरे सजन फिर
लाख माँगा प्यार तुमसे  प्यार ना जाने सजन फिर
.. 
हाल तुम जानो नही जब मत कहो है प्यार तुमसे
नासमझ नादान हो  तुम दर्द  ना समझे सजन फिर

अब चलें फिर हम सजन ले हाथ मेरा थाम कर तुम
गर चलो अब साथ मेरे यह सफर भाये सजन फिर
… 
नाम ले कर जी रहे है अब सजन जीने हमे दो
छोड़ कर दुनियाँ अगर हम तो चलें जायें सजन फिर 
… 
प्यार तुम जानो सजन क्या जब न समझे हो वफ़ा को 
जी रहे सीने लगा कर दर्द हम अपने सजन फिर 

.. 

रेखा जोशी