Thursday, 16 April 2015

श्रीमद भगवद्गीता से :----

श्रीमद भगवद्गीता से :----

काम यह क्रोध यह जो रजोगुण से है बने
महाअशन महापाप जान तू वैरी इन्हें

काम का आवास है ये मन बुद्धि इन्द्रियां
इन द्वारा ज्ञान ढक मोह ले जीवात्मा

महेंद्र जोशी