Thursday, 30 April 2015

आज मौसम आशिकाना आ गया


प्यार तुमको अब निभाना आ गया 
रफ़्ता  रफ़्ता  मुस्कुराना  आ  गया 
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छेड़  कर  ज़ुल्फ़ें  हवाओं  ने  कहा 
आज मौसम आशिकाना आ गया 
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खुश रहो साजन जहाँ में तुम सदा 
ज़िंदगी  को  आज़माना  आ   गया
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क्या कहें तुमसे न जाना छोड़ कर 
हाथ  थामा  तो  निभाना  आ गया 
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दे  रही   है  अब  हवायें  यह  सदा 
साथ  जीने  का  ज़माना   आ गया 

रेखा जोशी
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