Friday, 15 May 2015

पा ली हमने भक्ति उसकी अनुपम कृपा से


शीश  अपना  प्रभु  चरणो  में  रख  दिया हमने
प्रेम का  प्याला  लब पर  अब धर  दिया  हमने
पा  ली  हमने  भक्ति  उसकी  अनुपम  कृपा से
नामुमकिन को मुमकिन आज कर दिया हमने

रेखा जोशी