Sunday, 16 November 2014

जगमगाने लगी यह चाँद सूरज सी दुनिया

ज़मीन पर उतर आये  सितारे मेरे  लिये
बगिया में खिल उठी अब बहारें  मेरे लिये
जगमगाने लगी यह चाँद सूरज सी दुनिया
लाये  संग  तुम  यह सब नज़ारे मेरे लिये

रेखा जोशी